प्रधानमंत्री मोदी जल्द रिटायर कर सकते है पीएमओ से 20 अफसरों को …… 2 नाम है सबसे बड़े

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल के साथ ही उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाली ब्यूरोक्रेसी टीम के कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों का कार्यकाल पूरा हो रहा है.

इनमें उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और पीएम मोदी के प्रधान सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्रा के नाम भी शामिल हैं.

लेकिन यह तय माना जा रहा है कि पीएम मोदी इन दोनों अधिकारियों के कार्यकाल को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा समेत करीब 18 से 20 ब्यूरोक्रेट्स इस बार बदले जाएंगे.

दरअसल, पीएम मोदी के काम करने का एक खास अंदाज है. वे अपनी कैबिनेट चुनने के बाद दूसरा सबसे प्रमुख काम ब्यूरोक्रेट्स की एक टीम तैयार करते हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि पीएम मोदी कैबिनेट की तरह ही यहां भी कुछ बड़े बदलाव करने वाले हैं. जानकारी के अनुसार, इस बार करीब 18-20 ब्यूरोक्रेट्स को उनके पदों से हटाकर नये ब्यूरोक्रेट्स को टीम में शामिल किया जाएगा.

15 जून को रिटायर हो रहे हैं कैबिनेट सचिव

‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की खबर के मुताबिक, कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा आगामी 15 जून को रिटायर हो रहे हैं. इस बार उन्हें पद छोड़ना ही पड़ेगा, क्योंकि वह पहले ही दो बार अपनी रिटायरमेंट पर एक्सटेंशन ले चुके हैं.

इसी तरह रॉ (RAW) व दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के कई महत्वपूर्ण पद खाली हो रहे हैं. उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने अपने गुजरात सीएम रहने के दौरान के अनुभवों के आधार पर पीएम बनने के बाद ब्यूरोक्रेट्स की एक टीम तैयार की थी, जो सीधे पीएम मोदी को रिपोर्ट करती थी.

कौन लेगा पीके मिश्रा की जगह?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा का जाना तय है. इसलिए इस पद के योग्य उम्मीदवार की तलाश जारी हो गई. फिलहाल इस पद के लिए सबसे आगे राजीव गौबा का नाम चल रहा है. वह भी एक सीनियर ब्यूरोक्रेट हैं.

बराक ओबामा ने की थी तारीफ, अमेरिकी अखबार ने 50 साल में नहीं हुआ ऐसा

पीएम मोदी के काम करने के इस अंदाज के बारे में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी अपनी राय व्यक्त की थी. उन्होंने ब्यूरोक्रेसी को लेकर उठाए गए पीएम मोदी के कदमों के बारे में कहा था कि पीएम मोदी ने भारत की ब्यूरोक्रेसी को सक्रिय कर दिया है.

इसके बाद अमेरिका के एक प्रमुख अखबार ने मोदी सरकार के बारे में विस्तार से एक रिपोर्ट प्रकाशित की. इसका शीर्षक पीएम मोदी के ब्यूरोक्रेसी को लेकर किए बदलावों के बारे में था.

इसमें दावा किया गया था कि पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल के महज छह महीने में देश की ब्यूरोक्रेसी में जितना बदलाव कर दिया है उतना भारतीय सरकार के 50 सालों के इतिहास में नहीं हुआ.

ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्राध्यक्षों ने भी माना था लोहा

पीएम मोदी की ब्यूरोक्रेसी की मजबूत टीम को देखने के बाद ब्रिटेन के पीएम डेविड कैमरून और ऑस्ट्रेलिया के पीएम टोनी एबॉट ने भारतीय ब्यूरोक्रेसी टीम में हुए बदलावों और उसके नये रूप की बेहद तारीफ किया था. साथ ही दोनों यह बताना नहीं भूले थे ऐसा करने से भारत की ताकत काफी बढ़ गई है.

ब्यूरोक्रेट को दिया विदेश मंत्री का पद

ब्यूरोक्रेसी से आने वाले लोग एम मोदी की सरकार में कितना महत्व रखते हैं इसका संदेश पीएम मोदी ने एक ब्यूरोक्रेट को विदेश मंत्री बनाकर दे दिया है.

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