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बैंक की बजाए पोस्ट ऑफिस कि इस स्कीम में निवेश करके 3 साल पहले ही बन सकते हैं करोड़पति। .. जाने कैसे

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इस दुनिया में हर व्यक्ति अमीर बनना चाहता है | भविष्य की जरूरतों के लिए लोग छोटी-मोटी बचत तो कर लेते हैं, लेकिन बचत और निवेश का सही तरीका पता नहीं होने की वजह से वे अमीर नहीं बन पाते

इसे हम यूं भी कह सकते हैं कि उनके पास तय समय बाद भी इतना पैसा जमा नहीं हो पाता जिससे कि उनकी बड़ी जरूरतें पूरी हो सकें | देश में कुछ ही जगहें हैं जहां निवेश करके करोड़पति बना जा सकता है।

इसमें बैंक, पोस्ट ऑफिस से लेकर शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड हैं। इनमें से बैंक और पोस्ट ऑफिस ज्यादातर लोगों के लिए जानी पहचानी जगह हैं, लेकिन शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड भी लोगों को करोड़पति बना सकते हैं,

इसकी जानकारी लोगों को अवश्य है पर कैसे यह बात बहुत कम लोग जानते हैं। इसीलिए जब भी फाइनेंशियल प्लानिंग करें तो हर विकल्प की जानकारी लेने के बाद ही निवेश का फैसला लें

और अगर संभव हो तो वेल्थ मैनेजमेंट प्रोफेशनल की मदद लें ताकि आप सही और उचित फैसला सभी पहलूओं को ध्यान में रखकर कर सकें।

तो दोस्तों, आज हम आपको करोड़पति बनने का एक फार्मूला बताने जा रहे हैं जो कि एक निवेश स्कीम है, जहाँ परोक्ष रूप से शेयर बाजार में पैसा म्यूचुअल फंड या किसी अन्य माध्यम मनें लगाने की योजना हो तो मार्किट रिस्क का भी ध्यान रखना आवश्यक हैं

और उस आधार और क्षमता के अनुसार अपने लिए सही विकल्प चुन सकते हैं। जानकारों के अनुसार इन जगहों पर 5 हजार से लेकर 10 हजार रुपए महीने के निवेश से करोड़पति बना जा सकता है।

बैंक और पोस्ट ऑफिस में जानें निवेश की योजना

बैंक और पोस्ट ऑफिस में ब्याज दरें भी समय समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन यह अब काफी कम पर आ चुकी हैं। ऐसे में अगर कोई अभी निवेश शुरू करता है तो उम्मीद रखी जा सकती है कि तय योजना के अनुसार वह करोड़पति बन सकता है। क्योंकि इन जगहों पर ब्याज दरें काफी कम हैं इसलिए निवेश को बढ़ने में समय लगता है।

बैंक में करोड़पति बनने का प्लान

बैंकों में इस वक्त औसतम 6 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। इस ब्याज दर पर अगर आप 10 हजार रुपए महीने का निवेश शुरू करें तो बैंक आपको करोड़पति बना सकते हैं।

इस तरह बनाएं बैंक में निवेश की योजना

-10 हजार महीने का करें निवेश

-6 फीसदी है ब्याज दर

-30 साल करना होगा निवेश

-1 करोड़ रुपए का फंड तैयार हो जाएगा

पोस्ट ऑफिस से करोड़पति बनने का प्लान

पोस्ट ऑफिस में निवेश करके भी करोड़पति बना जा सकता है। पोस्ट ऑफिस की आवर्ती जमा (RD) पर इस वक्त 7.1 ब्याज मिल रहा है। ऐसे में 10 हजार रुपए का निवेश आपको बैंक से जल्द करोड़पति बना सकता है।

इस तरह बनाएं पोस्ट आफिस में निवेश की योजना

-10 हजार रुपए महीने का करें निवेश

-पोस्ट ऑफिस की RD में करें निवेश

-7.1 फीसदी मिल रहा है ब्याज

-27 साल तक करना होगा निवेश

-1 करोड़ रुपए का फंड तैयार हो जाएगा

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मंगलवार को बन रहा है मंगल योग, इन 3 राशियों की लगेगी लॉटरी, हनुमानजी देंगे मनचाहा वरदान

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मंगलवार, 21 मई 2019 के दिन सभी राशियों का राशिफल जानने के लिए आगे पढ़ते रहिये

मेष

आपकी संचार क्षमता आज सर्वकालिक उच्च स्तर पर है। अत: किसी भी नए उद्यम के लिए एक अच्छा समय है। आज आप अधिकांश उपक्रमों का सफलतापूर्वक प्रबंधन कर पाएंगें।

आपके पास नए अधिग्रहण हो सकते हैं, जो आपकी जीवन-शैली में सुधार करेंगे। आपका पारिवारिक-जीवन थोड़ा समस्याग्रस्त हो सकता है।

आप दुखी हो सकते हैं और अपने बच्चों के कारण चिंतित रह सकते हैं। इन सब समस्याओं के बीच आपका जीवनसाथी बहुत स्नेही और प्यार करने वाला होगा। जो आपको तनावों से उबरने के लिए नैतिक समर्थन प्रदान करेगा।

वृष

आज आप व्यावसायिक रूप से बहुत सफल होंगे और आपका नाम और प्रसिद्धि व्यापक होगी। आप अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेंगे और आपका आत्मविश्वास भी काफी बढ़ जाएगा।

आप अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों का ध्यान समान रूप से आकर्षित करेंगे। प्राधिकरण और रैंक के व्यक्ति आपके पक्ष में होंगे और आप एक उच्च जिम्मेदार पद पर आसीन हो सकते हैं।

आपकी आमदनी बढ़ेगी। आपका पारिवारिक-जीवन आनंदमय रहेगा और आपके बच्चे आपके लिए गर्व का स्रोत बनेंगे।

मिथुन

यह मिश्रित परिणामों की अवधि होगी। इस समय आप थोड़े चिंतित हो सकते हैं। आप अनावश्यक जटिलताओं में फंस सकते हैं और आपको चल रही परियोजनाओं में बाधाओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

वित्तीय मुद्दों को हल करने में भी कुछ समय लग सकता है। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अच्छे से सोच लें और फिर ये आपकी कठिनाइयों से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होंगे।

पारिवारिक जीवन सामंजस्यपूर्ण रहेगा और आप बड़े उत्साह के साथ पारिवारिक गतिविधियों में भाग लेंगे। कुछ यात्रा होगी जो लाभदायक रहेगी।

कर्क

आज पारिवारिक-जीवन में अस्थिरता रह सकती है। आपका अपने माता-पिता के साथ कुछ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। प्रेम-संबंधों के लिए समय शुभ है।

नौकरीपेशा जातक कठिन परिश्रम से अपने वरिष्ठों को संतुष्ट कर सकते हैं। यदि आप अपना दृष्टिकोण बदल लें और ईमानदारी से काम करें

तो आने वाले दिनों में आपकी रैंक, पारिश्रमिक और लोकप्रियता बढ़ सकती है। आप कुछ नवीन शौक विकसित कर सकते हैं। जो आपकी जेब पर भरी पड़ सकतें हैं।

सिंह

आज आप में से कुछ के लिए आर्थिक एवं व्यापारिक रूप से लाभदायक यात्राएं हो सकती हैं। आपके लिए यह सुखद अनुभव रहेगा। आत्मविश्वास एवं स्फूर्ति से परिपूर्ण आप अच्छा मुनाफा कमाएं।

पारिवारिक परिवेश में तनावपूर्ण स्थितियों के चलते पारिवारिक सदस्य आपकी सफलता का पूर्ण आनंद नहीं ले पाएंगे।

प्रेमियों को प्रेम-संबंधों में आई गलतफहमी का सामना सामान्य से अधिक साहस और कुशलता के साथ करना होगा। मित्र संबंध अपेक्षा के अनुसार अधिक उपयोगी नहीं हो सकते हैं।

कन्या

चल रही परियोजनाओं और कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। किसी भी बहस या टकराव से बचें। निवेश को स्थगित करना सबसे अच्छा होगा। किसी भी संपत्ति के सौदे को अंतिम रूप देने से पहले सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें

अन्यथा नुकसान हो सकता है। शुभचिंतकों और दोस्तों का समर्थन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और आपको समय-समय पर अच्छी सलाह मिलेगी। कुछ स्वास्थ्य का मुद्दा अचानक उठ सकता है। शादीशुदा जिंदगी सामान्य रहेगी।

तुला

व्यापारिक संदर्भ में रुके हुए कार्य पूर्णता की ओर गति बढ़ाएंगे। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को जल्द ही सफलता मिलेगी। आप में से कुछ वित्तीय बाधाओं का सामना कर सकते हैं।

लेकिन इससे निपटने के लिए आप नई रणनीति बनाने के लिए भी कदम उठाएंगे। आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा लेकिन तनाव से दूर रहें।

प्रेमियों के लिए अपने साथी के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक अच्छा समय है। आपको अचानक काम से संबंधित यात्रा पर जाना पड़ सकता है।

वृश्चिक

व्यवसाय में नवीन विचारों के कारण अंतिम मिनट में बदलाव किए जा सकते हैं। आज आप लगातार यात्रा और प्रतिबद्धताओं से घिरे रहेंगे। लेकिन अपने आप को तनाव न दें।

आप परिवार और व्यापार में संतुलन स्थपित करने का प्रयास करेंगे।

साथ ही समाज में आपकी भूमिका, रिश्तेदारों की शादी के लिए सहायता, या अन्य गपशप आपको सामाजिक रूप से सक्रिय बनाए रखेगी। छोटे भाई-बहनों को स्वास्थ्य से संबंधित गड़बड़ी का सामना करना पड़ सकता है।

धनु

काम में आने वाली सामान्य कठिनाइयों के बारे में ज्यादा चिंता किए बिना अपनी सामान्य गति से चलते रहें। थोड़ा सा चतुर होना आपके लिए बेहतर परिणाम दे सकता है।

जहां तक करीबी लोगों से लंबित बकाया की वसूली का संबंध है, तो इस संदर्भ में आज आप भाग्यशाली हो सकतें हैं। एक बड़ा सौदा अंतिम रूप ले सकता है।

आप अपने निकट और प्रिय लोगों के साथ बाहर घुमने जा सकते हैं। आप अपने प्रियजनों के साथ कुछ यादगार क्षणों का आनंद ले सकते हैं, जो एक यांत्रिक दिनचर्या की एकरसता को तोड़ने में मदद कर सकता है।

मकर

आज ग्रह स्थिति आपकी सोच को कुछ भ्रमित कर सकती है और आप अनिश्चित, स्वच्छंद और जिद्दी हो सकते हैं। आप शत्रु की कूटनीति के शिकार हो सकते हैं।

व्यावसायिक एवं आर्थिक संदर्भ में आयी आकस्मिक परेशानी के कारण आप परेशान और तनाव की स्थिति में रह सकते हैं। यदि आपको अपनी आंखों की दृष्टि से कोई असुविधा है,

तो आपको चिकित्सकीय नेत्र संबंधी सलाह लेना श्रेयकर रहेगा। आपके परिवार के सदस्यों के साथ संबंध तनाव में आ सकते हैं। जिसके लिए आप दुखी महसूस कर सकते हैं।

कुंभ

इस अवधि के दौरान परिवर्तन और आत्म निरीक्षण ही सफलता की कुंजी है। आज आपको गुणवत्ता और प्रदर्शन पर जोर देना होगा। आपके गहरे और गहन विचार आपको सभी समस्याओं के मूल में कटौती करने में मदद करेंगे।

हालांकि पिछली साझेदारियां आपके लिए बड़ी निराशा हो सकती हैं, फिर भी कोई भी नया कार्य आपके पक्ष में जाने की संभावना है।

पारिवारिक सदस्यों के प्रति अपने व्यवहार से सावधान रहें। विवाह संबंधित रिश्ता तय करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।

मीन

आज भागीदारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसके कारणवश आप बेचैन और अनिश्चित हो सकते हैं। आर्थिक पक्ष अस्थिर हो सकता है।

व्यवसायी एवं व्यापारी वर्ग सार्वजनिक समर्थन हासिल करने के लिए अथक प्रयास करने पड़ सकते हैं। आपके आलोचक और शत्रु आपके लिए समस्याएं पैदा करेंगे। वह आप पर हावी हो सकते हैं।

किन्तु आप कूटनीति के प्रयोग से उन्हें चुप करा सकते हैं। आपका दैनिक कार्यक्रम व्यस्त रहेगा। नौकरीपेशा जातक पूर्व में अपने द्वारा किये गए शुभ कृत्यों के लिए आज मान्यता प्राप्त करेंगे व अपने संपर्कों को भी बढ़ा पाएंगे।

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नतीजों से पहले मोदी ‘हिसाब-किताब’ के साथ नागपुर तल …….. वजह जानकर होश उड़ जायेंगे

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देश के टीवी चैनलों पर चुनावी नतीजों के पूर्वानुमान आते ही सत्ता और विपक्षी दलों में हलचल के साथ ही संघ मुख्यालय भी हरकत में आ गया है।

कहने को तो यह बैठक बीजेपी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम तय किये जाने को लेकर बतायी जा रही है, लेकन असली वजह संघ का ‘प्लान बी’ है।

‘प्लान बी’ का मतलब यदि पूर्वानुमान को नतीजों में बदलते-बदलते बीजेपी अकेले दम पर बहुमत के नजदीक नहीं पहुंची और सहयोगी दल मोदी के नाम पर सहमत नहीं हुए तो क्या होगा।

दूसरा मुद्दा यह है कि बहुमत के साथ सरकार बनाने के बाद सरकार में किस व्यक्ति की क्या हैसियत रहेगी। नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और अरुण जेटली की क्या भूमिका रहेगी।

अमित शाह कैबिनेट में आते हैं तो बीजेपी की कमान किस के हाथों में सौंपी जायेगी और चुनावी वायदों को पूरा करने के अलावा सरकार की प्राथमिकता क्या होगी।

हालांकि, ये सारे मुद्दे पार्टी और सांगठनिक स्तर के हैं लेकिन संघ की भूमिका बीजेपी सरकार में मार्ग दर्शक की रहती है।

इसके अलावा एक और बड़ा कारण है कि मोदी काम तो सारे संघ की नीतियों के अनुरूप करना चाहते हैं लेकिन उन पर संघ का ठप्पा नहीं चाहते।

इसलिए मोदी संचरण काल (पुरानी सरकार से नई सरकार के गठन का समय) का पूरा सदुपयोग कर लेना चाहते हैं। ताकि पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद उन्हें संघ के दरवाजे पर दस्तक न देनी पड़े।

बहरहाल, संघ मुख्यालय मोदी से बातचीत करने के बाद यह संतुष्टि कर लेना चाहता है कि चुनावी पूर्वानुमान के अनुरूप ही नतीजे भी आने वाले हैं।

ये भी कहा जा रहा है कि संघ बीजेपी की अगली सरकार ने राम मंदिर के निर्माण पर भी ठोस वायदा चाहता है।

क्योंकि इस बार प्रयाग अर्द्धकुंभ के दौरान संघ की ओर से संतों को मंदिर निर्माण का भरोसा दिया गया है। राजनीतिक दलों की तरह ‘झूठ’ का ठप्पा अपने ऊपर नहीं लगने देना चाहता।

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देखे सभी न्यूज़ चैनल का सबसे बड़ा सर्वे ….. किस चैनल ने किस पार्टी को दी कितनी सीट ?

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लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें और आखिरी चरण की वोटिंग छह बजे समाप्त हो गई है। महीनों चले सबसे बड़ी सियासी दंगल के आखिरी चरण की वोटिंग के बाद एग्जिट पोल के नतीजे आ गए हैं।

एजेंसियों के सर्वे में बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान है। इंडिया टीवी और सीएनएस के सर्वे में एनडीए को 300, यूपीए को 120 और अन्य को 122 सीटें मिलने का अनुमान है।

न्यूज 24 और चाणक्य के एग्जिट पोल में एनडीए 350 (+/-14), यूपीए 95 (+/-9) और अन्य 97 (+/-11) मिलने की उम्मीद है।

इंडिया टुडे और एक्सिस के सर्वे में एनडी को 339 से 365, यूपीए को 77 से 108 और अन्य को 79 से 111 सीटें मिलने का उम्मीद।

सीएनएन और आईपीएसओएस के सर्वे में एनडीए को 336, यूपीउ को 82 और अन्य को 124 सीटें मिलने की संभावना है। एबीपी और एसी निल्सन के सर्वे में एनडीए को 267, यूपीए को 127 और अन्य को 148 सीटें मिलने की संभवना है।

रिपब्लिक टीवी- सी वोटर के सर्वे में एनडीए 287, यूपीए को 128, महागठबंधन 40 और अन्य को 87 सीटें मिल रही है।

रिपब्लिक जन की बात में बीजेपी प्लस 305, यूपीए को 124 और अन्य को 113 सीटें मिलने जा रही हैं। टाइम्स नाउ में एनडीए को 306, यूपीए को 142 और अन्य को 94 सीटें मिलने की उम्मीद है।

न्यूज नेशन में एनडीए को 282-290, यूपी को 118 से 126 और अन्य को 130 से 138 सीटें मिलने की उम्मीद है।

लोकसभा चुनाव 2014 में पूर्व बहुमत से सरकार बनाने वाली बीजेपी जहां दोबारा सत्ता में आने की कोशिश में लगी है। वहीं 44 सीटों पर सिमटने वाली कांग्रेस सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है।

चुनावी परिणाम आने से पहले एक बार फिर से गैर एनडीए सरकार बनाने की कवायद तेज हुई है।

इसको लेकर आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडु ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा सुप्रीम मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी की है।

2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के खिलाफ बने माहौल का बीजेपी ने पूरी तरह से फायदा उठाया था और सत्ता में आने में कामयाब रही थी।

पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 6 राज्यों में विपक्षी पार्टियों का सूपड़ा साफ किया था। इस बार देखना होगा कि बीजेपी का पिछले लोकसभा चुनावों का करिश्मा कायम रह पाता है या नहीं।

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को एंटी इन्कंबेंसी का फायदा मिला था और ऐसे कई राज्य थे, जहां बीजेपी की सरकार थी। मगर इन पांच सालों में परस्थितियां बदली हैं और सियासी समीकरण भी।

कई राज्यों में बीजेपी का तख्ता पलट हुआ है। तो चलिए जानते हैं 2014 लोकसभा चुनाव में इन 6 राज्यों में कैसी थी पार्टियों की स्थिति और 2019 में एग्जिट पोल में क्या तस्वीर बनती दिख रही है।

2014 लोकसभा चुनाव के क्या रहे थे नतीजे:

2014 लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत से बीजेपी सत्ता में आई थी। 2014 में कुल 543 सीटों के लिए हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 282 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया था।

भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 336 सीटें प्राप्त हुई थीं। वहीं यूपीए को 60 सीटें मिले थे। भाजपा ने 428 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे,

जिनमें से 282 सीटों पर कब्जा जमाया था। वहीं कांग्रेस ने 464 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और उन्हें महज 44 सीटों पर ही जीत हासिल हो पाई थी।

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प्रधानमंत्री पद के लिए इन चार नामों पर बन सकती है सहमति, नंबर तीन हैं संघ की पसंद

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लोकसभा चुनाव 2019 में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. 23 मई को चुनाव के नतीजे सामने आएंगे. इससे पहले सत्ता पक्ष व विपक्ष में लामबंदी शुरू हो गई है.

बहुमत से दूर रही भाजपा तो बदलेगा समीकरण. (फोटो : गूगल)

एक्जिट पोल के नतीजे एनडीए को पूर्ण बहुमत देते दिख रहे हैं। लेकिन, अगर भारतीय जनता पार्टी 220 सीटों से कम लाई तो सहयोगी पार्टियों की ओर से दबाव की राजनीति शुरू होगी।

माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में नरेंद्र मोदी स्वयं प्रधानमंत्री नहीं बनना पसंद करेंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री कौन हो सकते हैं? इस पर मंथन चल रहा है।

राजनाथ सिंह भी हो सकते हैं एक विकल्प. (फोटो : गूगल)

विकल्प एक : राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा उनकी छवि एक तेज-तर्रार नेता के रूप में रही है।

अटल बिहारी वाजपेयी व लालकृष्ण आडवाणी के बाद भाजपा की सेकेंड लेबल लीडरशिप में उनका नाम काफी आगे था।

2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा ने उनकी ही अध्यक्षता में लड़ा था और पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार करने में कामयाबी हासिल की थी। उनके नाम पर सहयोगी पार्टियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

शिवराज सिंह चौहान कुछ दलों को साथ जोड़ने में हो सकते हैं सफल. (फोटो : गूगल)

विकल्प दो : शिवराज सिंह चौहान

भारतीय जनता पार्टी में सबसे सॉफ्ट नेता के रूप में उन्होंने अलग ही पहचान बनाई है। भाजपा ने जब उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया तो माना गया कि उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के लिए तैयार किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने विकास करने वाले नेता के रूप में अपनी छवि बनाई है।

विपक्षी दलों में भी उनकी स्वीकार्यता काफी ज्यादा है। ऐसे में उन्हें गठबंधन की सरकार चलाने में या फिर अन्य सहयोगियों को जोड़ने में अधिक दिक्कत नहीं होगी।

नितिन गडकरी को संघ की निकटता का मिल सकता है फायदा. (फोटो : गूगल)

विकल्प तीन : नितिन गडकरी

नितिन गडकरी के नाम की चर्चा काफी समय से होती रही है। वे बेहतरीन लीडर हैं। भारतीय जनता पार्टी में संघ के सबसे पसंदीदा नेताओं में उनकी गिनती होती है।

उनके काम करने के तरीकों को लेकर उनके विरोधी भी मुरीद रहे हैं। ऐसे में अगर भाजपा में नरेंद्र मोदी का सबसे बेहतरीन विकल्प संघ की ओर से उन्हें ही माना जा रहा है।

सोमवार को आरएसएस महासचिव भैयाजी जोशी व नितिन गडकरी की मुलाकात को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है।

अरुण जेटली के नाम पर भी हो सकती है चर्चा. (फोटो : गूगल)

विकल्प चार : अरुण जेटली

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली भी काफी सॉफ्ट नेचर के नेताओं में माने जाते हैं। कहा जाता है कि विरोधी दलों के नेताओं के बीच भी वे गुड मैन के रूप में जाने जाते हैं।

ऐसी स्थिति में अगर जरूरत पड़ी तो उनके नाम की भी चर्चा हो सकती है। वैसे, यह सब तब होगा जब भाजपा बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह जाए।

भाजपा की ओर से इस परिस्थिति के लिए प्लान बी भी तैयार करके रखा गया है। वैसे पीएम मोदी की जगह पर किसी दूसरे व्यक्ति को बैठाने के लिए संघ की रजामंदी सबसे अहम होगी।

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23 मई के बाद शिवराज सिंह चौहान को मिल सकती है सबसे बड़ी खुशखबरी ..

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भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल के नतीजों को देखा जाए तो केन्द्र में एक बार फिर मोदी सरकार आ रही है। इस बीच मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है।

मध्य प्रदेश भाजपा ने यहां की कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने का दावा किया है और राज्यपाल से विधानसभा से सत्र बुलाने की मांग की है।

दरअसल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता ने गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर सत्र बुलाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि एक्जिट पोल के नतीजे बता रहे हैं कमलनाथ सरकार यहां की जनता का विश्वास खो दिया है। इसलिए विधानसभा में सरकार की शक्ति परीक्षण हो जाए।

ऐसा नहीं है कि भाजपा की ओर से सरकार बनाने की बात पहली बार कही कई हो। लोकसभा चुनाव से पहले भी भाजपा नेताओं ने दावा किया था कि अगर एक बार फिर से केन्द्र में मोदी की सरकार आती है तो कमलनाथ की सरकार गिर जाएगी।

कैलाश विजयवर्गीय ने यहां तक कह दिया था कि अगर ‘ऊपर’ से आदेश मिल जाए तो कमलनाथ की सरकार उसी दिन गिर जाएगी।

कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को एक न्यूज चैनल से बात करते हुए दावा किया कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गई है।

उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कमलनाथ 22 दिन तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहेंगे या नहीं, यह बड़ा सवाल है।

इधर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने दावा किया कि कमलनाथ की सरकार वैसाखी पर चल रही है। वह अपने आंतरिक संघर्षों के कारण गिर जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि फिलहाल हम केंद्र में सरकार बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

क्या है एमपी विधानसभा की मैथमेटिक्स

मध्यप्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे अधिक सीटें मिली थी। कांग्रेस को कुल 114 सीटें मिली थीं जबकि बहुमत के लिए 116 सीट चाहिए।

वहीं भाजपा को 109 सीट मिली थीं। इसके अलवा 4 निर्दलीय को, बसपा को दो और सपा को एक सीट मिली थी। कमलनाथ सरकार को निर्दलीय, बसपा और सपा विधायकों का समर्थन मिला हुआ है।

हालांकि कई बार बसपा और सपा विधायकों की नाराजगी भी सामने आयी है, जिसे बाद में कमलनाथ ने दूर भी कर दिया था।

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रिजल्ट से कुछ दिन पहले आया सबसे बड़ा सर्वे … जाने किसके पक्ष में बह रही है हवा

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लोकसभा के चुनाव पूरी तरह से संपूर्ण हो चुके हैं और दिल्ली के साथ लगते पश्चिमी यूपी इलाके की कुछ सीटों पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कौन सी पार्टी के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।

यह सीटे हैं फतेहपुर सीकरी, मथुरा आगरा। नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर और अलीगढ़। इन सीटों आपको बताते हैं इन सीटों पर कौन से कैंडिडेट ज्यादा जो है मार्जन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सीकरी सीट पर कांग्रेस आगे चल रही है।

यहां से कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर की जीत के भारी आसार बन रहे हैं। वहीं बसपा के उम्मीदवार गुड्डू पंडित पीछे रह गए हैं।

ओपिनियन पोल के हिसाब से उत्तर प्रदेश की मथुरा सीट पर भारतीय जनता पार्टी की सांसद हेमा मालिनी पीछे रह गई है। वहीं आरएलडी के उम्मीदवार कुंवर नरेंद्र सिंह आगे चल रहे हैं।

इन दोनों के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है। आरएलडी उम्मीदवार का पलड़ा भारी है। उत्तर प्रदेश की आगरा लोकसभा सीट काफी चर्चा में बनी हुई है। यहां पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से एस पी सिंह बघेल उम्मीदवार है।

वहीं बसपा ने मनोज सोनी को चुनावी मैदान में उतारा है। ओपिनियन पोल के हिसाब से दोनों पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर हो सकती है।

इस सीट पर किसी भी उम्मीदवार की जीत का अभी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से बीजेपी ने यशवंत सिंह को वहीँ महागठबंधन की तरफ से गिरीश चंद्र यहां पर मैदान में उतारा है।

लेकिन यहां पर बीजेपी को कड़ी टक्कर देते हुए जो महागठबंधन की तरफ से कैंडिडेट गिरीशचंद्र आगे चल रहे हैं। अब हम बात करते हैं अमरोहा लोकसभा सीट की।

कुछ दिन पहले जेडीएस को छोड़ कर के बसपा का दामन थामने वाले जेडीएस के महासचिव दानिश अली यहां से चुनाव मैदान में महागठबंधन की तरफ से उतरे हैं। वहीँ बीजेपी की तरफ से कंवर सिंह तंवर हैं।

महागठबंधन की तरफ से चुनावी दंगल में उतरे दानिश अली के जीतने के आसार ज्यादा है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर लोकसभा सीट भारतीय जनता पार्टी का क्षेत्र माना जाता है।

इस बार के लोकसभा चुनाव से इस सीट से बीजेपी ने भोला सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।वही महागठबंधन की तरफ से योगेश वर्मा चुनाव लड़ रहे हैं।

आपको बता देगी इस सीट से बीजेपी कैंडिडेट के जीतने के आसार नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के नेता सतीश गौतम लड़ रहे हैं।

वहीं महागठबंधन की तरफ से अजीत बालियान को चुनावी मैदान में उतारा गया है। आपको बता दें कि अलीगढ़ लोकसभा सीट से महा गठबंधन के उम्मीदवार अजीत बालियान आगे चल रहे हैं।

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जब आपत्तिजनक हालत में थी ये खूबसूरत हसीना, पिता ने पकड़ लिया था रंगे हाथ …. तब वो हुआ जो नहीं होना चाहिए था

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पोर्नस्टार से बॉलीवुड एक्ट्रेस बनीं सनी लियोनी इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रही हैं। हाल ही में रिलीज हुई शाहरुख खान की फिल्म ‘रईस’ में मौजूद उनके आइटम नंबर ‘लैला मैं लैला’ ने दर्शकों पर खूब जादू चलाया है।

दर्शकों के साथ-साथ इंडस्ट्री के लोग भी सनी को अब बहुत पसंद करने लगे हैं। आपको बता दें कि हाल ही में एक इंटरव्यू में सनी ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बहुत बड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस इंटरव्यू में सनी लियोनी ने आपत्तिजनक हालत में उनके पापा द्वारा पकड़े जाने की बात स्वीकार की है।

इंटरव्यू में सनी लियोनी ने बताया कि कम उम्र में उनका दिल तब टूटा था जब उनका परिवार मिशिगन से कैलिफोर्निया शिफ्ट हुआ था।

सनी ने बताया कि मिशिगन में वो लोग एक साल तक रहे। यहां वो एक हॉट से लड़के को डेट कर रही थी। वो लड़का इतना अच्छा था कि सनी हर रोज लव-लेटर लिखता था। ये बिल्कुल कम उम्र का प्यार था।

दोनों की जिंदगी में सबकुछ सही चल रहा था। सनी ने बताया कि ‘रोमियो और जूलियट’ का नाटक देखने के बाद उन दोनों ने पहली बार किस किया था। वह सनी का पहला अद्भुत अनुभव था।

सनी को जब पता चला कि उस जगह को छोड़कर जाना है तो उनका दिल टूट गया था। सनी ने बताया कि वो लड़का बहुत हॉट और हैंडसम था लेकिन सनी के माता-पिता उससे नफरत करते थे।

सनी ने बताया कि उनके पिता ने एक बार सनी और उनके उस ब्वॉयफ्रेंड को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था। वो सनी के लिए बहुत बुरा हादसा था। सनी ने बताया कि एक बार वो दोनों साथ थे।

बड़े से हॉल के कॉर्नर में सनी उसकी गोद पर बैठी थी। वो इंटीमेट हो रहे थे। तभी उनके पिता आए और सनी को डांटने लगे। वो इस हालत में अपने पापा को देखकर बहुत डर गईं थीं।

इससे पहले भी एक इंटरव्यू में सनी ने अपनी सेक्स लाइफ के बारे में खुलासा करते हुए बताया था कि उन्होंने 11 साल की उम्र में पहली बार किस किया था और 16 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार सेक्स किया था। उनका मानना है कि ये कोई बड़ी बात नहीं है।

– इंटरव्यू में सनी लियोनी ने बताया कि, टीनएज में उनका दिल तब टूटा था जब फैमिली मिशिगन से कैलिफोर्निया शिफ्ट हुई थी।

– सनी बताती हैं, मिशिगन में हम एक साल रहे। यहां मैं एक हॉट लड़के को डेट कर रही थी। वह इतना अच्छा था कि मुझे हर रोज अपने हाथों से लव-लेटर लिखता था।

– सबकुछ बहुत सही चल रहा था। ‘रोमियो और जूलियट’ का नाटक देखने के बाद हमने पहली बार KISS किया था। वह बहुत अद्भुत अनुभव था।

– तो जब मुझे पता चला कि उस जगह को छोड़कर जाना है तो मेरा दिल टूट गया था।

– वह बास्केटबॉल खेलता था। हॉट और हैंडसम था, लेकिन मेरे पेरेंट्स उससे नफरत करते थे।

– मेरे पिता ने हम दोनों को एक बार आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था। वह बहुत बुरा हादसा था।

– दरअसल, एक बार हम दोनों साथ थे। बड़े से हॉल के कॉर्नर में, मैं उसकी गोद में बैठी थी। हम इंटीमेट हो रहे थे।

– तभी मेरे पिता आए और मुझे डांटने लगे। डैड को देखकर मैं बहुत ज्यादा डर गई थी। वह मेरी लाइफ का सबसे बुरा इंसीडेंट था।

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क्या आप जानते है PM मोदी ने अपने चुनाव प्रचार पर कितना खर्च किया ?? जानकर चौक जायेंगे

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लोकसभा चुनाव 2019 के अंंतिम चरण के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है। सात राज्यों की 59 सीटों पर 19 मई को मतदान होगा। इनमे पूर्वांचल की 13 संसदीय सीटे भी शामिल है।

23 मई को चुनाव परिणाम से तय होगा कि देश में नयी सरकार किसकी बनने जा रही है। ऐसे में सबकी निगाहे पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस पर भी होगी।

पीएम मोदी ने यहां पर रोड शो करने के बाद नामांकन किया था उसके बाद चुनाव प्रचार करने के लिए नहीं आये थे।

बीजेपी नेता व कार्यकर्ता ही बनारस में पीएम मोदी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने चुनाव प्रचार पर कुल 24लाख रुपये खर्च किया है।

बनारस संसदीय सीट से बीजेपी ने पीएम नरेन्द्र मोदी को प्रत्याशी बनाया है जबकि अखिलेश यादव व मायावती के गठबंधन से शालिनी यादव मैदान में है।

राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की कांग्रेस ने पांच बार के विधायक रहे अजय राय को मैदान में उतारा है।

चुनाव आयोग को सौंपे गये व्यय रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक पैसा कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय ने खर्च किया है। अजय राय ने कुल 25 लाख रुपये चुनाव प्रचार में लगाये हैं।

सपा प्रत्याशी शालिनी यादव ने 9 लाख 71 हजार रुपये चुनाव में खर्च किये हैं। यह आंकड़ा नामांकन से लेकर मतदान के दो दिन पहले का है।

चुनाव आयोग के नियमानुसार नामांकन से लेकर मतदान तक तीन बार प्रत्याशियों को व्यय का ब्यौरा देना होता है।

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प्रियंका गांधी के रोड शो पर एक लाख से अधिक की धनराशि खर्च हुई

प्रियंका गांधी के रोड शो पर एक लाख से अधिक की धनराशि खर्च हुई है। प्रत्याशियों का सबसे अधिक खर्च नुक्कड़ सभाओं में हुआ है जबकि उसके बाद वाहन व ईधन में धनराशि खर्च की गयी है।

एक निर्दल प्रत्याशी ऐसा है, जिसने चुनाव प्रचार में एक भी रुपये खर्च नहीं किये हैं। महाराष्ट्र के निर्दल प्रत्याशी मनोहर आनंद राव पाटिल ने चुनाव आयोग को बताया कि उसके प्रचार पर एक भी रुपये खर्च नहीं हुए हैं।

वह मंदिर में रहते हैं और सत्तू खाते हैं। पैदल ही चुनाव प्रचार करते हैं इसलिए एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ है।

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सट्टा बाजार में तय हो गया देश का अगला प्रधानमंत्री ….. मोदी समर्थको के लिए लग सकता है झटका

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देश में लोकसभा चुनाव के नतीजों को आने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं और गुजरात में सट्टा बाजार काफी जोर पकड़ रहा है.

गुजरात में पांच शहरों में बड़े पैमाने पर सट्टा खेला जाता है. इनमें ऊंझा, महेसाणा, अहमदाबाद, राजकोट और सूरत शामिल हैं.

बता दें कि दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली चुनाव के नतीजों को याद करते हुए कहा था कि सभी तरीके के सट्टा बाजार को धता बताते हुए चुनाव के नतीजे आए थे.

जबकि बाजार में दो तीन दिन पहले से ही सट्टा लगाने का काम शुरू हो गया था.

गुजरात में सट्टा बाजारी

सट्टा बाजार में गुजरात को लेकर अलग अलग दाम चल रहे हैं. 21 सीटों के लिए 27 पैसे, 22 सीटों के लिए 60 पैसे का दाम चल रहा है तो वहीं 23 सीटों के लिए 1 पैसे का दाम चल रहा है.

इसके अलावा 24 सीटों के लिए एक रुपया 80 पैसे के सामने 2 रुपये 20 पैसे का दाम चल रहा है, और गुजरात की 26 सीटों के लिए 7 पैसे के सामने 8.50 रुपये का दाम चल रहा है.

प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर बात की जाए तो सट्टा बाजार में नरेंद्र मोदी के लिए 14 पैसा चल रहा है.

जबकि राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने को लेकर 5 रुपये का दाम चल रहा है. सट्टा बाजार में जिस का दाम कम होता है उसके जीतने की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है.

गुजरात में एक अंदाज के मुताबिक लोकसभा चुनाव को लेकर अब तक 200 करोड़ से भी ज्यादा सट्टा लग चुका है. हालांकि 2014 के चुनाव के सामने यह काफी कम है.

एक बुकी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि गुजरात में 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त 500 करोड़ रुपयों का सट्टा खेला गया था. हालांकि एक एक उम्मीदवार के भी अलग अलग दाम चलते हैं.

लोकसभा चुनाव 2019 के अंतिम चरण का मतदान हो चुका है। अब 23 मई को ईवीएम में कैद प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा। वहींं, सट्टा बाजार गर्म हो गया है।

एक तरफ जहां वेस्ट यूपी में गठबंधन और भाजपा प्रत्याशियों पर बड़ा दांव लग रहा है। वहीं, सट्टा बाजार में इस बार भी भाजपा की पूर्ण बहुमत सरकार पर भाव लग रहा है।

वेस्ट यूपी में गाजियाबाद, हापुड़, ग्रेटर नोएडा में सटोरिये एक्टिव है। बताया जा रहा है कि सट्टा बाजार का अनुमान मुंबई स्थित सटोरियों से जुड़ा हुआ है।

सट्टा बाजार के मुताबिक, भाजपा को 275 सीटें दे रहा है। वहीं, सहयोगी पार्टियों को 51 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि 2014 में भाजपा को 282 और एनडीए को 336 सीटों पर। यानि १० सीटों का नुकसान हो सकता है।

सट्टा बाजार में ये बने प्रधानमंत्री

सट्टा बाजार में भाजपा पर बड़ा दााव लग रहा है। सटोरिये NDA को 326 सीटें दे रहे हैं, जिसके बाद BJP को स्पष्ट बहुमत मिला रहा है। वहीं, भाजपा को 265 से 275 सीटें और सहयोगी दलों को 51 सीटों मिलने के अनुमान पर दाव लगा रहा है।

राहुल की हार-जीत पर भी लगा रहा सट्टा

गठबंधन प्रत्याशियों के अलावा कांग्रेस पार्टी पर भी सट्टा लग रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर मोटा भाव है। अमेठी लोकसभा सीट से राहुल गांधी की हार पर सट्टा लगाया जा रहा है।

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